Thursday, September 24, 2020
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WordPress Tutorial in Hindi Exclusive Guide- 2020

इस WordPress tutorial in Hindi में हम आपको WordPress की पूरी जानकारी हिंदी में देंगे। आप सीखेंगे की WordPress क्या होता है? WordPress के साथ वेबसाइट कैसे बनानी है? WordPress में Backup कैसे लेते हैं? WordPress installation in Hindi आदि।

हमारे साथ जुड़े रहिये ऐसे ही और Hindi Tutorials के लिए।

चलिए शुरू करते हैं WordPress Tutorial in Hindi को :

अनुक्रम

1. What is WordPress in Hindi?

WordPress एक open source कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम(Content Management System) है। यह एक फ्री टूल/सॉफ्टवेयर है।

यह टूल पहली बार 27 मई 2003 में रिलीज़ हुआ था। इसको अमरीकी डेवलपर Matt Mullenweg और Mike little ने डेवेलप किया था।

WordPress को सिंपल भाषा में एक site building tool बोला जा सकता है। यह टूल मुख्यतः दो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर आधारित है – PHP और MySQL.

WordPress में शुरुवाती दिनों में कुछ ही users थे मगर समय के साथ यह बहुत लोकप्रिय होता गया और अब यह सबसे ज्यादा लोकप्रिय CMS टूल है।

आज WordPress में 7.5 करोड़ से भी ज्यादा वेबसाइट संचालित हैं।

wordpress tutorial in hindi introduction

अप्रैल 2016 में हुए एक शोध(रिसर्च) के अनुसार WordPress एक ऐसा CMS टूल है जिसका इस्तेमाल 1 करोड़ सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग वाली साइटों से 26% अधिक किया गया था।

WordPress बहुत ही लोकप्रिय है एक वेबसाइट बिल्डिंग टूल के रूप में। चलिए अब WordPress tutorial in Hindi में आगे बढ़ते हैं।

2. WordPress इतना Popular क्यों है / WordPress Features?

आप सोच रहे होंगे WordPress में इतने users क्यों हैं? क्या है जो WordPress को इतना Popular बनाता है? चलिए जानते हैं WordPress की पॉपुलैरिटी के फैक्टर्स :

WordPress एक बहुत ही ज्यादा simple(सरल) Blogging टूल है। मगर सिर्फ इतना ही नहीं इसके बहुत सारे अन्य factors भी हैं जो इसे दूसरे CMS से अलग बनाते हैं।

  • WordPress एक Free टूल है।
  • यह एक ओपन सोर्स(Open Source) टूल है यानी कि कोई भी इसके कोड में अपना योगदान दे सकता है।
  • इसमें हज़ारों फ्री Plugins , themes और भी अन्य tools हैं।
  • यह बहुत ही सरल है।
  • यह सारे Hosting Platform को सपोर्ट करता है।
  • WordPress की कम्युनिटी बहुत बड़ी है और इसके सपोर्ट के लिए अलग से फोरम है।
  • इसमें सरल से लेकर जटिल वेबसाइट बना सकते हैं।

यह सब features मिलकर WordPress को इतना popular बनाते हैं।

3. What is CMS in Hindi?

आपने सुना कि WordPress एक content management system(CMS) है, आप में से कुछ लोग को पता नहीं होगा कि CMS क्या होता है? चलिए इस टॉपिक को भी WordPress tutorial in Hindi में कवर कर लेते हैं।

CMS या Content Management System एक ऐसा एप्लीकेशन होता है जिसका इस्तेमाल करके हम digital content(डिजिटल कंटेंट) को :

  • Create(बनाना) ,
  • Modify(बदलना) और
  • Publish(प्रकाशित करना) कर सकते हैं।

ज्यादातर CMS टूल्स एक साथ एक से अधिक users को एक साथ काम करने का फीचर प्रोवाइड करता है। WordPress में एक से ज्यादा प्रशासनिक यूजर बन सकते हैं, हर यूज़र के अपने privileges(विशेषाधिकार) होते हैं।

Content Management Systems में हम किसी भी तरह का कंटेंट डाल सकते हैं – वीडियो, इमेज, टेक्स्ट, ऑडियो आदि।

WordPress, Joomla और Drupal तीन सबसे ज्यादा लोकप्रिय Content Management Systems हैं।

किसी भी CMS के दो प्रमुख components होते हैं :

  1. Content Management Application (कंटेंट मैनेजमेंट एप्लीकेशन)
  2. Content Delivery Application (कंटेंट डिलीवरी एप्लीकेशन)

A) Content Management Application (CMA)

CMS के Content Management Application कॉम्पोनेन्ट को आप एक ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस(GUI) की तरह समझ सकते हैं।

इसकी मदद से यूजर किसी भी कंटेंट को क्रिएट, मॉडिफाई और पब्लिश(create,modify,publish) कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जरूरत नहीं पड़ती। बिना HTML के भी इस GUI से content अपलोड किया जा सकता है।

यह एक तरह से Front End service प्रोवाइड करता है।

B) Content Delivery Application (CDA)

Content Delivery Application एक Back End service की तरह CMS में काम करता है।

जब CMA का इस्तेमाल करके एक बार कंटेंट अपलोड हो जाता है, उसके बाद वो कंटेंट डिलीवर और मैनेज करने का कार्य CDA करता है।

जैसा कि नाम से पता चलता है यह CMS का वो कॉम्पोनेन्ट है जो delivery और management का कार्य करता है।

C) CMS के Features

CMS के कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्न हैं :

  • ऑनलाइन सपोर्ट
  • SEO के अनुकूल यूआरएल (SEO friendly URLs)
  • यूजर व् ग्रुप फंक्शन
  • विभिन्न Templates और Designs

4. WordPress.com vs WordPress.org

WordPress.com और WordPress.org दो अलग अलग तरीके हैं किसी WordPress वेबसाइट को host करने के। WordPress tutorial in Hindi में हम आपको दोनों ही तरीको के बारे में बताते हैं।

WordPress.org में आपको अपना Blog या वेबसाइट को खुद host करना होता है। WordPress.org में हमें बहुत सारे फ्री वर्डप्रेस सॉफ्टवेयर मिलते हैं जिनको हम डाउनलोड करके अपने Web server में install कर सकते हैं।

WordPress.com में web hosting का सारा काम वर्डप्रेस खुद ही करता है। इसके लिए हमें खुद सॉफ्टवेयर डाउनलोड या होस्टिंग या वेब सर्वर को मैनेज नहीं करना पड़ता। यह सब काम WordPress खुद ही manage करता है।

WordPress.org Free है परन्तु WordPress.com के कई फीचर्स के लिए Paid प्लान लेना पड़ता है।

WordPress.com के Pros एंड Cons :

WordPress.com

Pros

  • इसे setup करना बहुत आसान है।
  • इसे customize करना भी बहुत सरल है।
  • इसके कई फीचर्स Free है।

Cons

  • ज्यादा customization करने के लिए आपको Paid Plan में अपग्रेड करना पड़ेगा।
  • Plugin अपलोड नहीं कर सकते।
  • इसमें फ्री themes लिमिटेड ही हैं।

WordPress.org के Pros एंड Cons :

WordPress.org

Pros

  • इसे डाउनलोड करना बिलकुल 100% फ्री है।
  • इसमें कस्टम plugin अपलोड कर सकते हैं।
  • इसमें कोई भी Theme इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • सारा customization फ्री है।

Cons

  • इसमें आपको hosting के लिए अलग से pay करना पड़ता है।
  • इसका Setup manually होता है या फिर आप आपके hosting के द्वारा करते हैं।
  • इसका मैनेजमेंट खुद करना पड़ता है।

5. WordPress को Install कैसे करें / WordPress Installation?

इस WordPress tutorial in Hindi में हम self-hosted WordPress को सीखेंगे यानी कि WordPress.org को। यह पूर्णतः फ्री है।

WordPress के लिए System Requirements:

  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज : PHP 5.2+
  • ब्राउज़र : IE, Chrome, Firefox, Opera
  • वेब सर्वर : Windows, Linux, Macintosh
  • ऑपरेटिंग सिस्टम : Cross Platform

अब देखते हैं WordPress को कैसे install करते हैं, step by step tutorial :

Step#1 WordPress को डाउनलोड करें

WordPress को download करने के लिए हमें WordPress.org वेबसाइट पर जाना है। उसके बाद आपको ‘Download WordPress’ बटन पर क्लिक करना है।

wordpress tutorial in hindi_step 1 installation

WordPress की zip फाइल अब आपके पास डाउनलोड हो गयी होगी।

Step#2 Database create करें

WordPress को आपके सिस्टम में install करने के लिए आपके पास MySQL डेटाबेस होना चाइये। अगर आपके सिस्टम में यह डेटाबेस न हो तो आप इसे install करके एक Empty database बना लें।

उस डेटाबेस का User id और Password सेट कर लीजिये।

Step#3 Setup करें

अब WordPress को आपके System में सेटअप करते हैं।

1) अब आप WordPress tutorial in Hindi की डाउनलोड हुई zip फाइल को extract करके आपके web server या localhost पर अपलोड करें।

2) आपका ब्राउज़र ओपन करके WordPress के फाइल पाथ पर जाएँ। उदाहरण के लिए : localhost/<WordPress_folder>

3) WordPress के लिए अपनी भाषा चुनें और Continue पर क्लिक करें।

wordpress tutorial in hindi_step 2 installation

4) इस स्टेप में आप दी गयी सूचना को पढ़ सकते हैं और ‘Let’s Go’ बटन पर क्लिक करिये।

wordpress tutorial in hindi_step 3 installation

5) अब आपके MySQL डेटाबेस का डिटेल्स एंटर करें और ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

wordpress tutorial  in hindi step 4

6) उसके बाद आखिर में ‘Run the Install’ पर क्लिक कर दीजिये।

7) अब आपको नीचे वाली स्क्रीन में Administrative इन्फॉर्मेशन भरनी हैं।

वर्डप्रेस इन हिंदी

8) अब आपका WordPress install हो गया है।

WordPress को एक्सेस करने के लिए आपको उसके Dashboard में लॉगिन करना होगा। नीचे वाला सेक्शन देखें। अब WordPress tutorial in hindi में हम वर्डप्रेस के dashboard को समझेंगे।

6. WordPress Dashboard

एक बार आपका WordPress सेटअप हो गया फिर आप उसके Dashboard को ‘Login’ बटन क्लिक करके एक्सेस कर सकते हैं।

wordpress dashboard in hindi

ऊपर दी हुई स्क्रीन में आपको अपना सेट किया हुआ WordPress का user id और password भरना होगा फिर Login करें।

आप WordPress में जब Login करेंगे तो पहली स्क्रीन आपको जो दिखेगी वो होगी WordPress Dashboard, जो की नीचे वाले screenshot में दिखाया हुआ है।

WordPress Dashboard के प्रमुख elements :

A) Toolbar

WordPress के dashboard में सबसे ऊपर Toolbar होता है।

WordPress के टूलबार में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले links उपलब्ध होते हैं। इसमें और भी कई फंक्शन्स अवेलेबल होते हैं। इसमें कई Quick Links प्रोवाइडेड होते हैं जैसे कि comments, new, Home.

B) Main Navigation Menu

Main navigation menu वर्डप्रेस के dashboard के बायीं(left) तरफ होता है।

यह WordPress dashboard का main menu होता है। इसमें तमाम मुख्य menu ऑप्शन्स होते हैं जिनपर अगर आप माउस को hover करें तो sub-menu खुल जाता है।

नीचे दिए हुए options इस मेन्यू में उपलब्ध होते हैं :

  • posts
  • media
  • comments
  • appearance
  • plugins

C) Work Area

Work Area वर्डप्रेस डैशबोर्ड के सबसे मध्य में होता है। यहाँ पर आप जो menu खोलते हैं उससे सम्बंधित स्क्रीन दिख जाती है।

उदाहरण के लिए : अगर आप Posts पर क्लिक करें तो Work Area में posts दिख जाती हैं।

जब हम WordPress में Login करते है तो Work Area नीचे दिए हुए सेक्शंस के साथ खुलता है। आइये इन ऑप्शन्स को समझते हैं :

At a Glance

इस सेक्शन में आपको पता चलेगा कि आपके WordPress में कितने Posts, Pages और Comments हैं. इसके साथ ही इसमें WordPress का version और आपकी एक्टिवेटिड Theme की डिटेल्स भी दिखाई देंगी।

Activity

Activity सेक्शन में आपको posts से सम्बंधित थोड़ी और जानकारी मिलती है। इसमें आपके Latest posts और comments दिखते हैं।

इसके साथ ही इसमें आपके सभी comments का स्टेटस भी दिखता है और सबसे हाल का comments भी बताता है।

Quick Draft

इस सेक्शन में हम content लिख कर एक नयी Blog Post स्टार्ट कर सकते हैं।

हालाँकि इसमें आप ड्राफ्ट बना सकते हैं मगर पोस्ट को पब्लिश नहीं कर सकते।

WordPress Events and News

इस सेक्शन में वर्डप्रेस द्वारा प्रकाशित News और Updates दिखाई देते हैं।

7. WordPress में Content कैसे Publish करें?

अब जब आपका WordPress सेटअप पूरा हो गया है अब आप आपकी Website या Blog में content पब्लिश करेंगे।

आप WordPress में कंटेंट को दो रूप में publish कर सकते हैं :

  • WordPress Page
  • WordPress Post

दोनों में अंतर है दोनों ही आपकी वेबसाइट के लिए जरूरी हैं। इन दोनों में निम्न अंतर होते हैं –

WordPress Post को आप Category में , tag में, archive में add कर सकते हैं। WordPress पोस्ट का इस्तेमाल ऐसे content को पोस्ट करने के लिए किया जाता है जो कि time sensitive(समय संवेदनशील) होता है।

WordPress Page में हम ऐसा content डालते हैं जो आपका static कंटेंट है यानी कि वो हमेशा उपयोगी रहेगा। समय के साथ बदलेगा नहीं। इसको आप Category, Tag या archive में arrange नहीं कर सकते।

WordPress Page Example : About Us Page, Contact Us Page.

A) WordPress Post को कैसे Create करें?

WordPress में नई Post को add करने के लिए आप टूलबार का भी इस्तेमाल कर सकते हैं इसके अलावा आप Navigation Menu में Posts पर क्लिक करके Add New बटन पर क्लिक भी कर सकते हैं।

इसपर क्लिक करने पर आपको नई स्क्रीन खुल जायेगी। जिसमे आपके पास एक Editor Screen होगी और साथ ही और भी फीचर्स होंगे।

नीचे दिए गए Boxes में आपको आपकी पोस्ट का टाइटल डालना है और उसके नीचे वाले Box में आप अपना पोस्ट का कंटेंट डालेंगे।

wordpress dashboard in hindi

Editor Screen के दायीं(Right) तरफ आपको कई सारे ऑप्शन्स दिखाई देंगे जो निम्न हैं :

wordpress post features

Visibility : इसमें आप यह सेट कर सकते हैं कि आपकी यह पोस्ट कौन देख पायेगा यानी कि Public , Private या पासवर्ड प्रोटेक्टेड.

Publish : इसमें आप अपने पोस्ट के Publish date को सेट कर सकते हैं। या तो आप वर्तमान ऑप्शन Immediately को ही रहने दे सकते हैं इससे आपकी पोस्ट तुरंत ही पब्लिश हो जाएगी जब आप करेंगे।

Categories : इसमें आप अपने पोस्ट के Category सेलेक्ट कर सकते हैं।

Tags : इस ऑप्शन में आप अपने Post में तमाम tags डाल सकते हैं।

Featured Image : इससे आप अपने पोस्ट में फीचर्ड इमेज लगा सकते हैं यह इमेज आपकी पोस्ट में सबसे ऊपर दिखाई देगी (यह theme के हिसाब से बदल भी सकता है )

यदि आपको WordPress tutorial in Hindi में कोई चीज समझ न आयी हो तो आप कमेंट में बता सकते हैं।

B) WordPress Page को कैसे Create करें?

WordPress में नया Page को add करने के लिए आप टूलबार का भी इस्तेमाल कर सकते हैं इसके अलावा आप Navigation Menu में Pages पर क्लिक करके Add New बटन पर क्लिक भी कर सकते हैं।

इसपर क्लिक करने पर आपको नई स्क्रीन खुल जायेगी। जिसमे आपके पास एक Editor Screen होगी और साथ ही और भी फीचर्स होंगे।

इसके सारे फीचर्स Posts की तरह ही होते हैं परन्तु इसमें आप Categories, Tags आदि नहीं डाल पाएंगे।

8. WordPress Plugins Install कैसे करें?

WordPress Plugin एक सॉफ्टवेयर की ही तरह होता है जिसमें कई सारे फंक्शन्स का एक समूह होता है जिसको आप वर्डप्रेस वेबसाइट में जोड़ सकते हैं । इससे आप अपनी वर्डप्रेस वेबसाइटों में नई सुविधाएँ जोड़ सकते हैं। इसका मुख्यतः इस्तेमाल आपके वेबसाइट की फंक्शनैलिटी को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

WordPress plugins PHP प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए हैं।हमें वर्डप्रेस के प्लगिन्स इस्तेमाल करने के लिए किसी coding की सहायता नहीं पड़ती। इसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

WordPress Plugins को Install करना बहुत ही आसान है। सबसे पहले आपको Navigation Menu में Plugins पर क्लिक करना है।

‘Add New’ पर क्लिक करें। उसके बाद आपको जो भी प्लगइन install करना है उसका नाम सर्च फील्ड में डालकर सर्च कर सकते हैं।

आयी हुई सूची में से आप जो Plugin इनस्टॉल करना चाहें उसके Install बटन पर क्लिक करें। जब आपका Plugin इनस्टॉल हो जाए उसके उपरांत आपको Activate बटन पर क्लिक करके plugin को activate करना है।

A) Important WordPress Plugins

कुछ जरूरी वर्डप्रेस Plugins नीचे दिए हुयें हैं , जिनकी आपको आवश्यकता पड़ेगी :

  1. Rank Math SEO Plugin
  2. Easy Table Of Contents Plugin
  3. WP Super Cache
  4. Google XML Sitemaps

WordPress tutorial in Hindi में अब हम themes को समझते हैं। WordPress की themes किसी भी वेबसाइट के लिए बहुत ही आवश्यक एलिमेंट है।

9. WordPress में Themes कैसे install करें?

किसी भी WordPress वेबसाइट का look अच्छा करने के लिए हम उसमे Theme इनस्टॉल करते हैं। Theme से हमारी वेबसाइट को एक अच्छा लुक मिल जाता है वो भी बिना किसी कोडिंग के।

WordPress की वेबसाइट के लिए लाखों themes उपलब्ध हैं जिनमे से कई Free हैं और कई Paid.

ज्यादातर themes किसी भी वेबसाइट के लिए उपयुक्त होती हैं मगर कुछ ऐसी भी होती हैं जो किसी ख़ास वेबसाइट के लिए ही बनी होती हैं जैसे कि – E commerce theme.

WordPress theme टेम्प्लेट, फ़ाइलों और स्टाइलशीट का एक संग्रह है जो आपके वर्डप्रेस वेबसाइट की रूप और डिजाइन को निर्धारित करता है।

WordPress में Theme Install करने के लिए नीचे दिए हुए Steps फॉलो करिये :

सबसे पहले आपको WordPress Dashboard के navigation menu से Appearance को क्लिक करना है।

वर्डप्रेस टुटोरिअल इन हिंदी

उसके बाद आपको Themes पर क्लिक करना है।

wordpress tutorial in hindi

अब चूंकि हमें नई theme डालनी है इसलिए हम “Add New” बटन पर क्लिक करेंगे। यह बटन आपको स्क्रीन में सबसे ऊपर मिलेगा।

wordpress tutorial in hindi

उसके बाद नीचे वाली स्क्रीन खुल जाती है। उसमे अब कई सारी themes आपको दिखाई देंगी।

wordpress tutorial

ऊपर वाली स्क्रीन में आपको बहुत सारी themes दिखेंगी। जिनमे से आप कोई भी theme आपके WordPress वेबसाइट में डाल सकते हो।

अगर आपको कोई theme का नाम पता है तो आप “Search Themes” वाले फील्ड में उसका नाम एंटर करके सर्च कर सकते हैं। और उसे install कर सकते हैं। साथ ही अगर आपके पास कोई theme कंप्यूटर में पहले से ही डाउनलोड है तो आप उसे “Upload Theme” ऑप्शन से आपकी वेबसाइट में साल सकते हैं।

आपको जो theme पसंद आये आप उस theme को क्लिक करके install कर लीजिये, जैसा नीचे वाली screenshot में दिखाया है –

wordpress tutorial

अब आप अपनी theme को एक्टीवेट कर लीजिये और बस आपकी वेबसाइट की डिजाइनिंग पूरी।

10. WordPress की Performance कैसे Optimize करें?

आपका WordPress वेबसाइट बन गया है मगर आपका जैसे वेबसाइट grow करेगा उसमे users बढ़ेंगे तो आपके WordPress का परफॉरमेंस कम होता जायेगा।

जितने ज्यादा images, posts आदि आपके वेबसाइट में बढ़ेंगे आपके वेबसाइट का load time बढ़ता जाएगा। इसलिए आपको आपके वेबसाइट के परफॉरमेंस को अच्छा रखने के लिए कुछ जरूरी स्टेप्स उठाने होंगे।

Website के Performance optimization के लिए आपको वेबसाइट के शुरुवात में ही कुछ कदम उठाने होंगे।

WordPress की website को optimize करना बहुत आसान है। वर्डप्रेस में बहुत सारे plugins और tools आते हैं जिनका इस्तेमाल करके आप अपने वेबसाइट का परफॉरमेंस अच्छा कर सकते हैं।

सबसे अच्छी बात यह है की आपको यह करने के लिए किसी कोडिंग की जरूरत नहीं पड़ती।

हमने इस WordPress tutorial in Hindi में कई सारे तरीके कवर किये हैं जो की परफॉरमेंस इम्प्रूव करने के लिए सबसे उत्तम हैं :

A) Caching Plugins (कैशिंग प्लगिन्स)

सबसे पहला स्टेप WordPress optimization में caching होता है।

Cache एक ऐसी तकनीक है जो बहुत पहले विकसित हुई थी और यह परफॉरमेंस बढ़ाने में बहुत उपयोगी हैं।

Cache एक ऐसी तकनीक होती है जिसमे डाटा को कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से रख लिया जाता है जिससे हमारा वेबसाइट का स्पीड बढ़ जाता है क्यूंकि डाटा को एक्सेस करने के लिए सर्वर तक नहीं जाना पड़ता बल्कि उसी cache से एक्सेस कर लिया जाता है।

उदाहरण के लिए जैसे आप कोई वेबसाइट बार बार ओपन करते हैं तो आपका ब्राउज़र उस वेबसाइट का स्थैतिक कंटेंट cache में स्टोर कर लेगा। जब आप दोबारा साइट विजिट करेंगे तो ब्राउज़र को सर्वर से थोड़ा ही डाटा लेना पड़ेगा बाकी वो कैश से दिखायेगा इससे वेबसाइट का लोड टाइम बढ़ जाता है।

WordPress में बहुत सारे Plugins ये सुविधा प्रोवाइड करते हैं।

सबसे अच्छे WordPress Caching Plugins निम्न हैं :

  1. W3 Total Cache
  2. WP Super Cache
  3. WP Fastest Cache

B) Image Optimization (इमेज ऑप्टिमाइजेशन)

किसी भी WordPress ब्लॉग या वेबसाइट में इमेज सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती है इसलिए इसको आपको optimize करना बहुत जरूरी है क्यूंकि यह आपके वेबसाइट लोड टाइम को बहुत ज्यादा इफ़ेक्ट करती है।

अगर आपके website के पोस्ट में इमेजेज हैं और वो लोड होने में टाइम ले रही है तो आपका पूरा पोस्ट का लोड टाइम खराब होता है।

सामान्यतः image से सम्बंधित दो गलतियां होती हैं :

  • बहुत ज्यादा बड़े साइज की इमेज (Larger Images)
  • इमेज कंप्रेस न हो (Uncompressed Images)

Larger Images : कई बार हम अपने Blog में बड़ी images डाल देते हैं। जो सही अप्रोच नहीं। मान लीजिये आपने आपकी वेबसाइट में 600 X 600 की इमेज डाली है मगर आपके साइट का साइज सिर्फ 200 X 200 ही है।

इस स्थिति में ब्राउज़र पहले आपकी बड़ी इमेज को डाउनलोड करेगा फिर आपके साइट के साइज के हिसाब से उसे स्केल करेगा और फिर आपको दिखायेगा।

इससे आपका लोड टाइम बहुत बढ़ जाएगा।

इसका सीधा समाधान यह है कि आप आपके वेबसाइट में छोटी इमेज ही डालें, ऊपर वाले केस के हिसाब से 200 X 200 की ही अपलोड करें।

Uncompressed Images :

दूसरा प्रॉब्लम इमेज से सम्बंधित यह होता है कि आपने आपकी Image को compress नहीं हुआ है। इमेज अगर compressed(कंप्रेस्ड) न हो तो यह बहुत जगह लेती हैं इसलिए आपके वेबसाइट में image compression प्लगइन होना बहुत आवश्यक है।

इसके समाधान के लिए आप WordPress के Plugin WP Smush का इस्तेमाल कर सकते हैं।

आपको बस यह प्लगइन इनस्टॉल करना है बाकी काम यह प्लगइन खुद करेगा।

C) Gzip compression (जीज़िप कम्प्रेशन)

WordPress में यदि आप Gzip compression करते हैं तो यह आपकी वेबसाइट की स्पीड और परफॉरमेंस काफी बढ़ा देता है। इसलिए यह वेबसाइट या ब्लॉग की परफॉरमेंस का इम्पोर्टेन्ट पॉइंट है।

Gzip compression किसी टेक्स्ट फाइल के एक जैसे स्ट्रिंग्स को ढूंढकर उसे अस्थायी रूप से प्रतिस्थापित कर देता है जिससे फाइल का साइज कम हो जाता है।

जो हमारी HTML और CSS फाइल्स होती हैं उनमे एक ही टेक्स्ट कई बार दोहराया हुआ होता है जिससे उनका साइज बहुत बढ़ जाता है मगर gzip compression से हम उसका साइज कम कर सकते हैं।

ध्यान दें : Gzip compression use करने से आप किसी WordPress पेज का साइज 50 से 70 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं।

एक चीज़ है जो Gzip compression की disadvantage मानी जा सकती है वो यह कि यह CPU usage को थोड़ा बढ़ा देती है। इस CPU issue को अगर हम इगनोर कर दें तो यह हमारी WordPress वेबसाइट का परफॉरमेंस इम्प्रूव करने के लिए बहुत अच्छा साधन होता है।

Gzip compression ओवरआल WordPress tutorial in hindi का एक अच्छा सेक्शन है जिसे आपको आपने WordPress में स्थापित करना ही चाइये।

WordPress में निम्न दो तरीको से Gzip compression को इनेबल किया जा सकता है :

  • आप Gzip compression को WordPress में .htaccess file के द्वारा लागू कर सकते हैं।
  • दूसरा तरीका आसान है उसके लिए आपको बस Enable Gzip Compression वर्डप्रेस प्लगइन को इनस्टॉल कर लीजिये। बाकी काम वो कर देगा।

D) JavaScript Optimization (जावास्क्रिप्ट ऑप्टिमाइजेशन)

किसी भी WordPress वेबसाइट में चाहे कोई भी theme क्यों न हो , JavaScript फाइल्स भरपूर यूज़ होती है। इसलिए इस WordPress tutorial in Hindi में JavaScript को ऑप्टिमाइज़ करना सीखना जरूरी है।

JavaScript फाइल्स themes ही नहीं बल्कि बहुत सारे plugins भी ऐड कर देते हैं। यह फाइल्स जब भी पेज लोड होता है तो बी डिफ़ॉल्ट सबसे पहले लोड होती हैं। जिससे आपका पेज तब तक लोड नहीं होता जब तक JavaScript पूरी तरह से लोड नहीं हो जाती।

इससे आपका पेज लोड टाइम बढ़ जाता है और आपका परफॉरमेंस ख़राब हो जाता है।

इसका समाधान यह है कि हम JavaScript के parsing को defer(आस्थगित) कर दें जिससे की पहले जरूरी HTML आदि एलिमेंट लोड हो जाएँ जिससे हमारे वेब पेज का लोड टाइम न खराब हो।

WordPress में इसे अचीव करने के लिए निम्न plugins हैं :

E) Content Delivery Network (कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क)

WordPress में Content Delivery Network(CDN) का यूज़ करके वेब पेज की स्पीड को बहुत बढ़ा सकते हैं। CDN या Content delivery network आपके डाटा को दुनिया के अलग-अलग डाटा सेण्टर पर cache करता है।

इससे जब आपके वेबसाइट में कोई विजिटर आएगा तो उसके निकटतम डाटा सेण्टर से डाटा लेकर उसे दिखाते हैं जिससे वेबसाइट फ़ास्ट भी हो जाती है और लोड टाइम भी घट जाता है।

कई WordPress cache plugins के साथ CDN भी मिल जाता है।

F) Lazy Loading (लेज़ी लोडिंग)

किसी भी वेब पेज की दो प्रकार की लोडिंग होती है – Lazy Loading और Eager Loading.

Eager Loading / ईगर लोडिंग में सारा कंटेंट एक साथ ही लोड हो जाता है जैसे ही आप कोई वेबपेज विजिट करते हैं।

परन्तु Lazy Loading / लेज़ी लोडिंग में कुछ वेबपेज का कुछ कंटेंट (जैसे कि images) जिसकी तुरंत जरूरत नहीं वह बाद में लोड होता है इससे वेबपेज का शुरुवाती लोड टाइम घट जाता है।

WordPress में Lazy loading इम्प्लीमेंट करने के लिए आप WordPress Plugins – Lazy Load या Rocket Lazy Load का इस्तेमाल कर सकतें हैं।

11. WordPress की Security

WordPress tutorial in Hindi का आखरी मगर सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक हैं WordPress Security(वर्डप्रेस की सुरक्षा).

WordPress बहुत ही ज्यादा लोकप्रिय साइट बिल्डर है इसीलिए इसकी वेबसाइट बहुत ही हैक होती हैं।

आप इस WordPress tutorial in hindi में वो तकनीक सीखेंगे जिससे आप आपकी वेबसाइट को Hacker से या किसी भी गलत गतिविधियों से बचा सकते हैं।

नीचे दिए होते तीन Step किसी भी WordPress वेबसाइट की security के लिए महत्वपूर्ण हैं :

A) WordPress को Updated रखना

WordPress अपने version को जल्दी जल्दी अपडेट करता रहता है। WordPress को हमेशा update करते रहना चाइये और हमेशा latest version ही इस्तेमाल करना चाइये।

WordPress के अधिकतर updates सिक्योरिटी से सम्बंधित ही होते हैं इसलिए हमें WordPress को अपडेट करते रहना चाइये।

Hackers ज्यादातर उन्ही वेबसाइट को टारगेट करते हैं जिनमे WordPress का पुराना version चलता हो। क्यूंकि वो वेबसाइट hacking के लिए वल्नरेबल होते हैं।

B) Username और Password यूनिक रखना

WordPress में by डिफ़ॉल्ट username – Admin सेट होता है। इसे जरूर से बदल लेना चाइये।

आपका वर्डप्रेस dashboard का username और password बिलकुल unique होना चाहिए।

साथ ही Password में हमेशा Numbers, Special Characters, Capital लेटर्स मिले जुले होने चाहिए। अपना Username और Password किसी के साथ भी साझा न करें।

C) वर्डप्रेस का backup रखना

WordPress का Backup रखना बहुत जरूरी हैं। सिर्फ Hacking की ही स्थिति में नहीं बल्कि अगर कोई और अनचाही त्रुटि आ जाती है तो Backup आपके बहुत काम आएगा।

इसलिए WordPress का Backup समय समय पर बना लेना चाहिए।

WordPress Backup की पूरी डिटेल्स WordPress tutorial in Hindi के नीचे वाले सेक्शन में पढ़ें।

12. WordPress में Backup कैसे बनाएँ?

आपने WordPress tutorial in Hindi के ऊपर वाले सेक्शन में देखा की WordPress वेबसाइट की security के लिए बैकअप लेना बहुत जरूरी है। WordPress Backup बनाना तो जरूरी है ही साथ ही उसे समय समय पर अपडेट भी करते रहना चाहिए।

WordPress वेबसाइट का backup हम दो तरीको से ले सकते है – Manual(स्वयं) और Automatic(आटोमेटिक)

Manual process में आपको आपके WordPress की फाइल्स को और MySQL डेटाबेस को स्वतः डाउनलोड करके रखना पड़ता है।

जब आपके वेबसाइट में पोस्ट काफी बढ़ जाते हैं तब यह बैकअप स्वतः करना मुश्किल पड़ता है तब आप आटोमेटिक तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

बहुत सारे Hosting providers वर्डप्रेस के बैकअप की सुविधा प्रोवाइड करते हैं तो आप उधर से भी आपका वपर्डप्रेस का बैकअप बना सकते हैं।

इसके साथ ही बहुत सारे Plugins भी होते हैं जो ये सुविधा देते हैं। निम्न प्लगिन्स का इस्तेमाल करके आप आपके WordPress website का बैकअप ले सकते हैं। :

13. सारांश : WordPress Tutorial in Hindi

आपने इस आर्टिकल में WordPress Tutorial in Hindi को पूरा समझा। अगर आप नयी वेबसाइट या ब्लॉग बना रहे हैं तो आप इस 2020 गाइड Start a Blog in Hindi को रेफेर कर सकते हैं। किसी निजी मदद के लिए आप हमारे Blogging के फेसबुक ग्रुप Your Blogger Friend से भी जुड़ सकते हैं।

WordPress tutorial in Hindi से जुड़े सवाल आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

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