Thursday, September 24, 2020
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तानाशाह एडॉल्फ हिटलर की ज़िन्दगी से जुड़ीं खास बातें -Adolf Hitler Biography in Hindi

इस पोस्ट में आप Adolf Hitler biography in Hindi पढ़ेंगे तथा हिटलर के जीवन से जुडी रोचक तथा भयानक बातें भी जानेगे।

जब भी तानाशाही का नाम आता है तो एडॉल्फ हिटलर (Adolf Hitler) को कोई कैसे भूल सकता है।

वर्ल्ड वॉर 2 के पीछे के तानाशाह की ज़िन्दगी बहुत ही रोमांचक है साथ ही उसकी मौत भी उसकी ज़िन्दगी की तरह ही रहस्यपूर्ण है।

चलिए जानते है एडॉल्फ हिटलर की जीवनी तथा हिटलर के भारत से सम्बन्ध तथा गोपनीय कथाओ के बारे में।

Adolf Hitler Biography in Hindi / एडॉल्फ हिटलर की जीवनी

एडॉल्फ हिटलर जर्मनी के शासक थे तथा तानाशाह के नाम से यह बहुत प्रसिद्द है। साथ ही इन्हे द्वितीय विश्व युद्ध का जिम्मेदार भी माना जाता है।

चलिए इनके जीवन को देखते हैं –

जन्म

एडॉल्फ हिटलर का जन्म 20 अप्रैल 1889 में हुआ था। इनका जन्म ऑस्ट्रिया में हुआ था।

शिक्षा

हिटलर का शुरुवाती शिक्षण ऑस्ट्रिया के एक शहर लिंज़ में हुआ। परन्तु पिता की मृत्यु के कारण 17 साल की उम्र में ही वो विएना शहर चले गए जो की अब ऑस्ट्रिया की राजधानी है।

विद्यालय में विफल रहने पर वो रोज़ी रोटी कमाने के लिए पोस्टकार्ड पर चित्र बनाया करते थे।

शासन

एडॉल्फ हिटलर जर्मनी शासक व तानाशाह थे। यह “राष्ट्रीय समाजवादी जर्मन कामगार पार्टी” के नेता थे।

इस पार्टी को “नाज़ी” अथवा “नाटजी” पार्टी के नाम से भी जाना जाता है।

इन्होने जर्मनी पर 1933 से लेकर 1945 तक राज किया।

प्रथम विश्व युद्ध

1914 से 1918 तक चलने वाले प्रथम विश्व युद्ध के दौरान हिटलर ने भी सेना में हिस्सा लिया था।

एडॉल्फ हिटलर ने फ्रांस से चल रही कई लड़ाइयों में भाग लिया था। परन्तु चोटिल हो जाने के कारन उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ गया था।

प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की हार एडॉल्फ हिटलर को बिलकुल बर्दाश्त नहीं हुई थी और तभी से हिटलर के उदय की शुरुवात होने वाली थी।

नाज़ी दल

प्रथम विश्व युद्ध की हार के बाद , हिटलर ने सोच लिया था की वो एक दल की स्थापना करेगा।

1918 में ही एडॉल्फ हिटलर ने नाज़ी दाल का शिलान्यास किया था। कहा जाता है नाज़ी दल के एक एक सदस्य में देश प्रेम कूट कूट के भरा था।

एडॉल्फ हिटलर यहूदियों को जर्मनी की हार का जिम्मेदार समझता था।

जब जर्मनी की आर्थिक समस्याएं बढ़ गयीं थी तब एडॉल्फ हिटलर ने अपने भाषणों में जर्मनी की आर्थिक स्थिति सही करने के दाव शुरू कर दिए थे इसीलिए बहुत सारे अलग अलग दाल भी नाज़ी के साथ मिल गए थे।

आर्थिक समस्या के साथ साथ उसने कई और मुद्दे भी उठाये जैसे की भूमि सुधार करना तथा जर्मनी को विशाल देश बनाना आदि।

इन्ही सब के चलते एडॉल्फ हिटलर बहुत ही प्रसिद्द तथा प्रभावशाली नेता बन गया था।

नाज़ी का प्रतीक / स्वास्तिक

एडॉल्फ हिटलर ने नाज़ी का प्रतीक “स्वास्तिक” को बनाया था। स्वास्तिक भारत का अभिन्न चिन्ह है जिसको हिन्दू धर्म में बहुत ही पवित्र माना जाता है।

नाज़ी सेना के सदस्य भूरी पोशाक पहनते थे।

क्यों जेल गए थे हिटलर?

सं 1923 में हिटलर ने जर्मनी की तत्काल सरकार को गद्दी से हटाने की कोशिशें की थी इसी के चलते वहां की सरकार ने उन्हें जेल में डाल दिया था।

हिटलर की आत्मकथा “मीन कैम्फ” (मेरा संघर्ष)

जब वो जर्मनी में जेल में दाल दिए गए थे तब उन्होंने अपनी आत्मकथा लिखी जिसका नाम था “मीन कैम्फ” , जिसको हिंदी में “मेरा संघर्ष” कहते हैं।

उन्होंने अपनी आत्मकथा में नाज़ी दाल के सिद्धांतो का वर्णन किया।

एडॉल्फ हिटलर का मानना था की जर्मन आर्य देश है तथा आर्य सभी जातियों में सर्वश्रेष्ठ है।

वह चाहते थे आर्य ही पुरे विश्व पर राज्य करें। उन्होंने यह सब विचार अपनी आत्मकथा में लिखें।

उनका ये भी कहना था की यहूदी ही आर्य के दुश्मन है तथा वो आर्य के कार्यो में रोड़ा लगाते हैं। वह चाहते थे की जर्मन को अपना विकास करना चाइये तथा रूस व् फ्रांस से लड़कर उनकी जमीन ले लेनी चाइये।

यह सब उन्होंने अपनी आत्मकथा में विस्तार में लिखा।

कैसे बना हिटलर जर्मनी का चांसलर (Chancellor)

1930 से 1932 में जर्मनी में बेरोज़गारी हद्द से ज्यादा बढ़ गयी थी।
उस समय नाज़ी दल की संसद में संख्या लगभग 230 थी।

हालाँकि 1932 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में हिटलर हार गया था मगर फिर भी उसकी बढ़ती लोकप्रियता के चलते उसे चांसलर बनाने का प्रस्ताव दिया गया था।

हिटलर ने 1933 में प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था तथा वो जर्मनी का चांसलर बन गया था।

कैसे बने हिटलर चांसलर से राष्ट्रपति व् सबसे अधिक शक्तिशाली व्यक्ति

कहीं न कहीं हिटलर का चांसलर बन जाना ही द्वितीय विश्व युद्ध का शंखनाद माना जा सकता है। क्यूंकि हिटलर ने चांसलर बनते ही पहला काम संसद को भंग करने का किया।

उन्होंने 1934 में चांसलर व् राष्ट्रपति पद को एक कर दिया इस प्रकार वो राष्ट्र नायक बनें।

एडॉल्फ हिटलर के हाथ में अब पूरी सत्ता आ चुकी थी।

उन्होंने इसी प्रकार पूरे विश्व में अपना नाम कर लिया था।

एडॉल्फ हिटलर ने नाज़ी दाल का विरोध करने वालो को जेल में डाला तथा साम्यवादी दल को भी गैर कानूनी घोषित किया।

एडॉल्फ हिटलर में कानून से सम्बंधित साड़ी शक्तियां अपने हाथ में ले ली तथा डॉ जोज़ेफ गोयबल्स नामक व्यक्ति को अपना प्रचार मंत्री घोषित किया।

सन 1934 में हिटलर ने स्वयं को सर्वोच्च न्यायाधीश की उपाधि दे दी।

बस फिर क्या था , एडॉल्फ हिटलर 1934 में हिंडनबर्ग की मृत्यु के कारण राष्ट्रपति भी बन गए।

कैसे शुरू हुआ द्वितीय विश्व युद्ध (World War 2)

जब जर्मन की सारी सत्ता एडॉल्फ हिटलर के हाथ में आ गयी वो बहुत शक्तिशाली हो गए थे तथा खुद को सर्वोच्च न्यायाधीश बनाने की वजह से हर फैसला उन्ही के हाथ में था।

फिर क्या था , नाज़ी दाल का आतंक हर छेत्र में फ़ैल गया।

माना जाता है की नाज़ी दल ने 1933 से 1938 की बीच लाखों यहूदियों की हत्या कर डाली थी।

  • 1933 में एडॉल्फ हिटलर ने राष्ट्रसंघ छोड़ दिया तथा जर्मनी की सैनिक शक्ति बढ़ाने में लग गए। उन्होंने हर जर्मन जाती के लोगो को सैन्य प्रशिक्षण दिलवाया।
  • वहीँ सं 1934 में पोलैंड व् जर्मनी के बीच संधी ही गयी की वे एक दुसरे पर आक्रमण नहीं करेंगे।
  • वहीं 1934 में ही नाज़ी दल ने ऑस्ट्रिया के चांसलर की हत्या कर दी।

इन्ही सब के चलते , जर्मनी से फ्रांस,रूस , इटली व् चेकोस्लोवाकिया डर गए तथा उन्होंने आपस में संधी कर ली की वो एक दुसरे की सुरक्षा करेंगे।

वहीं ब्रिटेन ने हिटलर के साथ हाथ मिला लिया और हिटलर ने अपनी जलसेना ब्रिटेन की जलसेना का 35 प्रतिशत रखने का वचन दिया।

ऐसी संधी इसलिए की गयी जिससे की होने वाले युद्ध में ब्रिटैन तटस्थ रहे।

  • मगर सब कुछ हिटलर के हिसाब से नहीं हुआ। सं 1935 में ब्रिटैन ने इटली तथा फ्रांस के साथ मिलकर हिटलर की शस्त्रीकरण नीति का विरोध किया।
  • वहीं 1936 में हिटलर ने बर्साई से की गयी संधि को भंग कर दिया व् अपनी सेनाएं उसने फ्रांस के पूर्व में भेज दी जिससे की वह राइन नदी के प्रदेश पर अधिकार जमा सके।
  • अगले वर्ष 1937 में जर्मनी ने इटली के साथ संधी कर ली तथा आस्ट्रिया पर अधिकार जमा लिया।

उसके बाद एडॉल्फ हिटलर चेकोस्लोवाकिया के उन प्रदेशों का अधिकार लेना चाहता था जिनके ज्यादातर निवासी जर्मन हों।

हिटलर के आक्रामक अंदाज़ को देखते हुए , फ्रांस ब्रिटैन व् इटली ने चेकोस्लोवाकिया को विवश किया की वो हिटलर को वो प्रदेश दे दे जो वो मांग रहा है।

  • मगर हिटलर इतने से संतुष्ट नहीं हुआ और उसने सं 1939 में चेकोस्लोवाकिया के बचे हुए प्रदेशो पर भी अधिकार जमा लिया।

इसके पश्चात् हिटलर ने रूस के साथ संधि करी। हिटलर ने पोलैंड का पूर्वी भाग रूस को दे दिया। तथा पश्चिमी भाग खुद रख लिया।

इन सब के चलते ब्रिटैन ने पोलैंड की रक्षा के लिए अपनी सेनाएं भेज दी तथा द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हो गया।

कब और क्यों मरा हिटलर?

जब फ्रांस की पराजय हो गयी तब हिटलर ने रोम सागर पर अधिकार करने का सोचा इसी लिए उसने मुसोलिनी से संधि कर ली।

इसके उपरान्त जर्मनी ने रूस पर हमला कर दिया। अब अमरीका भी द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल हो गया।

द्वितीय विश्व युद्ध में अमरीका का शामिल होना हिटलर के लिए मुसीबत बन गया। हिटलर की ही सेना हिटलर के विरुद्ध होने लगी।

बस फिर क्या था , 30 अप्रैल सं 1935 में रूस के बर्लिन पर आक्रमण करने के पश्चात हिटलर ने आत्महत्या कर ली।

एडॉल्फ हिटलर के जीवन के रोचक तथ्य

1) हिटलर का पहला प्यार एक यहूदी लड़की थी। हिटलर यहूदियों को जर्मनी की प्रथम विश्व युद्ध में हार का जिम्मेदार मानते थे।

2) एडॉल्फ हिटलर को पेंटिंग करने का शौक था मगर वो आर्ट स्कूल में रिजेक्ट हो गए थे।

3) सं 1938 में एडोल्फ हिटलर को टाइम्‍स मैगजीन द्वारा ‘द मैन ऑफ द ईयर‘ का टाइटल दिया गया था।

4) एडोल्फ हिटलर शाकाहारी थे तथा उन्होंने पशु के संरक्षण के कानून भी बनाये थे।

5) एडोल्फ हिटलर ने खुद की जान ले ली थी।

एडोल्फ हिटलर की पेंटिंग्स

एडोल्फ हिटलर बहुत अच्छी पेंटिंग कर लेते थे। देखे उनकी बनायीं हुई रचनाएँ :

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